शनिवार, 11 जुलाई 2020

ये जरूरी नही है कि हर गुनाह की सजा मिले

ये जरूरी नही है कि हर गुनाह की सजा मिले
कुछ  बातें में भी रख लू इतना तो समय मिले

जज बन के फैसला कर दो ये कहा तक ठीक है
सजा पहले ये हक है मेरा,मुझे भी एक मौका मिले

हो सकता है मुझे समझने में तुम से कही भूल हुई हो
ऐसे कौन सजा देता है, जिस से तुम्हारा मन न मिले

शक के दायरे में लाखों जिंदगियां हो जाती है तबाह
दुआ करो ऊपर बाले से ऐसा भाग्य किसी को न मिले

मेने देखी है बदकिस्मती को, अपनी हस्तरेखाओं में
सब छूटता ही जा रहा है,पता नही दोबारा मिले न मिलें

ये भी एक दौर है वो भी एक दौर था

ये भी एक दौर है वो भी एक दौर था
मंजिल तो पास थी रास्ता ही दूर था

देखती रहती थी जिनको आंखे दूर से
उन्हें निहारने का मजा ही कुछ और था

अब अपनी गिनती होने लगी है औरों में
अपना कहने का वो दौर ही और  था

न जाने कब पासे पलट गए जिंदगी के
एक दिन जुदा होना भी शायद तय था

चलो अब रास्ते बदल लेते है हम दोनो
जो भी हुआ उसका तुम्हे क्या मलाल था

मंगलवार, 15 अक्टूबर 2019

छोटी सी जिंदगी में बस छोटे से गम है

छोटी सी जिंदगी में बस छोटे से गम है
तेरी इस महफ़िल में एक हम ही नही है

उड़ते हुए बदलो से पूंछता हु में तेरा पता
वो भी कहते है तेरी कोई खैर खबर नही है

चाहो तो पूंछ लेना इन हवाओं से मेरा पता
मुझे ढूढ़ लेना भी इतना मुश्किल नही है

कोई खता हुई है तो बताने में कोई बुराई नही है
तुम रूठ जाओ ये आदत तुम्हारी नही है

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

सियासत के गलियारों में ,कोलाहल बड़ा भारी है

सियासत के गलियारों में,कोलाहल बड़ा भारी है
वोट की खातिर कुछ लोगो ने,देश से की गद्दारी हैं

चुनाव पर्व है लोकतंत्र का,सबकी अपनी तैयारी है
जो साध ले जन भावना, वो ही बड़ा व्यापारी है

जो सब की बात करेगा  उस से अपनी यारी है
लोकतंत्र के महा पर्व में जनता सब पर भारी है

किसने लुटा देश हमारा किसकी ये मक्कारी है
चाहे जितना देश लूटलो ये भूंख न मिटने बाली है

क्यो शक किया सेना पर जिसके हिस्से रखबाली है
काम करे कुछ ऐसा जिसमे सब की खुशहाली है

बुधवार, 3 अप्रैल 2019

न बांटो इस देश को हम पर ये अहसान रहने दो

न बांटो देश को हम पर ये अहसान रहने दो
अनेकता में एकता का बस एहसास रहने दो

जहाँ जान न्यौछावर करते हो देश पर सैनिक
उन सैनिकों का हौसला आसमान पर रहने दो

बहुत पुराना हुआ ये गरीबी हटाने का नाटक
अब में गरीबी में खुश हूं मुझे गरीब ही रहने दो

माना भूंख तोड़ देती है अच्छे अच्छो का हौसला
फिर हम टूटेंगे नही हमे बस आत्मनिर्भर रहने दो

हमे नही चाहिए स्वपनों का अमेरिका और पेरिस
मेरे हिंदुस्तान को तुम बस हिंदुस्तान ही रहने दो

सोमवार, 18 मार्च 2019

हम तुम्हे भूल जाँए ये मेरी फितरत नही है

हम तुम्हे भूल जाँए ये मेरी फितरत नही है
तुम हमको चाहो ये कोई जरूरी तो नही है

किसी की याद में उम्र काट देना ही प्रेम है
उम्र भर हम साथ रहे ये जरूरी तो नही है

मिल ही जाते हो तुम मेरे ख्यालो में अक्सर
हकीकत में मिलें  हम  ये जरूरी तो नही है

टूट  पड़ता है मुझ   पर तुम्हारी  यादों  दरिया
में भी तुम्हे याद आऊं ये कोई जरूरी तो नही है

रातो में देखे है हमने ये खामोश रातो के तारे
हर रोज चांद निकले ये कोई जरूरी तो नही है

शुक्रवार, 15 मार्च 2019

मंजिल तक पहुचना काफी नही ऐ जिंदगी

मंजिल तक पहुचना काफी नही ऐ ज़िंदगी
सफर के भी कुछ मायने निकलने चाहिए

बहुत उड़ते रहे है दुश्मनी के काले बादल
अब तो मोहब्बत के बादल बरसने चाहिए

क्यों देखते हो यूं शक की निगाहों से हमको
देर से ही सही मगर ये नजरिये बदलने चाहिए

मेरे हृदय में रहोंगे तुम हमेशा धड़कन बन कर
जब नाम लू में तेरा तो दिल धड़कना चाहिए

हर किसी को हक़ है प्यार करने का दोस्तो
जरूरी नही है कि दिल से दिल मिलना चाहिए

शनिवार, 9 मार्च 2019

काश तुमने अपनी कातिल निगाहों से देखा न होता

काश तुमने मुझे अपनी कातिल निगाहों से देखा न होता
तो में तुम्हारी मोहब्बत में इतना गिरा न होता

बुझा ही रहने देती तुम अपने मोहब्बत के चिराग को
कम से कम शमा की आग में परवाना जला तो न होता

में मानता हूं कुछ रिश्ता नही है तेरे मेरे दरम्यां में
फिर भी मेरी चाहत का एहसास तो किया होता

बड़ी ख्वाहिश रही मेरी तुम्हे जी भर देखे कभी
काश मेरा ये सपना कभी पूरा तो हुआ होता

बड़ी तकलीफे देती है गुजरी हुई यादें तुम्हारी
काश में तन्हा ही सही उम्र भर के लिए सोया ही हुआ होता

सोमवार, 25 फ़रवरी 2019

कहा भूलता है वो तुम्हारा मध्धम सा मुस्कराना

कहा भूलता है वो तुम्हारा मध्धम सा मुस्कराना
वो प्यारी सी नजरे झुका के हल्का सा सरमाना

एक मुद्दत बीत गई खोए ख्यालातों में तुम्हारे
काश लौट आये वो बचपन का गुजरा जमाना

कुछ न कुछ तो बांकी रह गया है तेरे मेरे दरम्यां
यूँही ही नही जलता है आग में मुझ सा परवाना

भले ही हो तुम्हारे पास हमे भूलने हजारों बहाने
में तो रखता हूं पास तुम्हारी यादों का खजाना

बुधवार, 20 फ़रवरी 2019

तेरे दर पर खड़े एहसास मेरे

तेरे दिल के दर पर कुछ इस तरह खड़े रहे एहसास मेरे

जैसे कोई अमीर आदमी निकल जाता है गरीब को देखकर

बुधवार, 13 फ़रवरी 2019

झूँठ और बेईमानी

झूँठ और बेईमानी उस पिंजरे की तरह है जिसमे छोटा सा रोटी का टुकड़ा डाल कर चूहे को फांसा जाता है

इसी तरह हम सब जानते है झूँठ और बेईमानी से एक न एक दिन फसेंगे फिर भी हम ये रिस्क लेते रहते है

मंगलवार, 8 जनवरी 2019

कोई न समझे जज्बातों को आशाओ की भी कोई किरण नही

कोई न समझे जज्बातों को आशाओ की भी किरण नही
उच्च कोटि का है स्वार्थ इनका जिनका कोई छोर नही

कैसे मिटती इक इक आशा जिसका होता शोर नही
पल पल बढ़ती खामोशी में पहले बाला शोर नही

क्या कुछ पाया क्या कुछ खोया अब इसका कोई ज्ञान नही
चाहे करे कोई बात प्रेम की होता अब विश्वास नही

एक जो हम थे दूजे तुम थे लगते बिल्कुल गैर नही
अब बात तुम्हारी क्या करते जब खुद पर ही  इतवार नही

सबक मिला मुझे उन लोगो से जिनमे था कोई गैर नही
छोड़ चले थे राह में मुझको फिर भी रहा कोई शिकवा नही

पाक के नारे लगे रैलियों में ये काँग्रेस गद्दार है

पाक के नारे लगे रैलियों में ये कांग्रेस गद्दार है
मीडिया को झूँठा बोले खुद बड़े मक्कार है

गंगाजल इन्हें पानी लगता राहुल मूत्र वरदान है
भारत माता के नारे रोके बोलें पाकिस्तान है

गद्दारो का करे समर्थन और भगवा आतंकवाद है
धर्म के नाम पे देश को बांटा फिर ये महान है

सरसठ साल किया शासन बस इनको यही गुमान है
मांग सबूत जवानों से कांग्रेस ने किया अपमान है

वोट मांगते पाकिस्तान में चुनाव तो हिन्दुस्तान है
देश विदेश में करते कलंकित जो भारत भूमि महान है