ये वीडियो बिजनौर का है नमाज पढ़ने के लिए ये जूतम पेजार हुआ हुआ है इसमें चौंकने वाली बात नहीं है नहीं ये कोई हिंदू मुस्लिम दंगा नहीं है ये मुस्लिम की ही दो कास्ट सिया vs सुन्नी ke बीच हुआ है क्योंकि ये लोग एक दूसरे की मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ सकते है अब आप ये मत समझिए कि ये सिया और सुन्नी दो ही कास्ट है दोनों फ़िरको को मिला के ऐसे ही 72 फ़िरके है और सभी का यही हाल है एक दूसरे एक दूसरे की मस्जिद में नमाज पढ़ने नहीं जा सकते है
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और सुनो इन 72 फ़िरको में जन्नत किसी एक ही फ़िरके को मिलेगी मतलब 71 फिरके बेकार है सबसे बड़ी दुविधा ये है कि इन 72 फ़िरको को ये नहीं पता है कि जन्नत कौन सा फ़िरका जाएगा ? इसलिए हर फ़िरका अपने आप को ऐसे रिप्रेजेंट करता है मानो यही फ़िरका अल्लाह के ज्यादा नजदीक है बस यही कारण है कि अपने आप को ज्यादा नजदीक दिखाने के चक्कर में एक फिरका दूसरे फ़िरको को पेलने में लगा हुआ है
मुस्लिमों में एक समस्या और है वो समस्या है दुनिया के हर आदमी को इस्लाम में कन्वर्ट करवाना और इस्लाम को स्थापित करना और स्लामिक कानून को लाना यही कारण है कि दुनिया के हर कोने में इस्लामिक आतंकवाद से दुनिया परेशान है, और दुनिया वाले ये सोच सोच कर परेशान है कि वो लोग शांति के इस्लामिक मजहब अपना भी लें तो भी वो शांति से जी सकते है क्या ?
इस से भी मजेदार बात सुनिए , 1947 में भारत के दो टुकड़े हुए किस लिए ? , की मुस्लिम और हिंदू साथ नहीं रह सकते बंटवारे की वजह नफरत बनी मुस्लिम इस्लामिक कानून चाहता था हिंदू इतनी नफरत नहीं करता है क्योंकि हिंदू अपने देश का एक टुकड़ा देकर अपने रास्ते पर निकल गया अपने देश को तरक्की के रास्ते पर लेकर गया आज 4.3 ट्रिलियन की इकोनॉमी है
इस्लामिक कानून और इस्लाम के नाम पर बना पाकिस्तान दो दशक में ही टूटकर दो हिस्सों में बट गया इस्लाम के नाम बना देश इस्लामिक लोगो को मिला कर भी एक साथ नहीं रह पाए क्योंकि पाकिस्तान जैसे देश की बुनियाद ही खोखली और झुठी थी इस्लाम के नाम पर भारत का एक टुकड़ा तो ले लिया मगर ये लोग इस्लाम के नाम पर ही एक दूसरे का गला काटने लगे एक दूसरे की बहन बेटियों का बलात्कार करने लगे पूर्वी पाकिस्तान आज का बांग्लादेश 70 के दशक में ही समझ गया था ये इस्लाम के नाम का चूर्ण मूर्ख बनाने के लिए था
78 साल के बाद भी पाकिस्तान में आजतक इस्लामिक निजाम नहीं है भले ही इन लोगों ने पाकिस्तान को इस्लामिक देश घोषित कर दिया हो मगर आज भी वहां पर लचीला इस्लाम चलता है असली इस्लामिक निजाम अफगानिस्तान में चलता है पाकिस्तान तो अपने देश के लोगों को मूर्ख बनाता है तालिबान के आने से पहले पाकिस्तान चाहता था अफगानिस्तान में स्लामिक शासन आए वहां की महिलाएं बुर्के में नजर आए लड़कियों की पढ़ाई लिखाई बंद करवा दी जाए महिलाओं को नौकरी करने की इजाजत न दी जाए
जब अमेरिका गया तो अफगानिस्तान में शरिया कानून लागू कर दिया गया अब महिलाए पढ़ लिख नहीं सकती जोर से हस नहीं सकती नौकरी नहीं कर सकती ब्यूटीपार्लर नहीं चला सकती टीवी सीरियल और टीवी चैनलों पर काम नहीं कर सकती मतलब पूरा अफगानिस्तान 7वी सेंचुरी में चला गया है वहीं तालिबानी सोच से पाकिस्तान में एक संगठन बन TTP तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान इस संगठन ने मुहिम छेड़ रखी है पाकिस्तान में तालिबान वाला कानून लेकर आओ मतलब शरीयत लेकर आओ
यही कारण है आए दिन पाकिस्तान में कई जगह बम बगैर फूटते रहते है एक पाकिस्तानी दूसरे पाकिस्तानी को पेलने में लगा रहता है अब पाकिस्तानी ऐसे फंस गए है कि एक तरफ खाई है और दूसरे तरफ मौत इन्हें समझ नहीं आ रहा है किसका चुनाव करें अगर पाकिस्तान शरीयत लाता है तो पाकिस्तानी लोग घेर के मारेंगे शरीयत नहीं लाते है तो TTP वाले मरेंगे
ये बात यही खत्म नहीं होती है और आगे सुनो अब पाकिस्तान में बलोच भी उठ खड़ी हुई है अब बलोच कह रहे है पाकिस्तान का कोई इतिहास नहीं है हमारा इतिहास हजारों साल पुराना है हम जिस ट्राइबल से आते है उसकी सभ्यता हजारों साल पुरानी है पूरे पाकिस्तान की जाती जमीन में उसकी आदि जमीन बलोचिस्तान की है मतलब 44 प्रतिशत जमीन बलोच की है ये लोग आबादी में कम है मगर भौगोलिक दृष्टि से ये आदा पाकिस्तान है हो सकता है एक दो दशक में पाकिस्तान का एक हिस्सा और कट के अलग हो जाए इस्लाम के नाम का चूर्ण 78 साल चाटने के बाद अब वही के लोग कह रहे है बंद करो ये बकवास अब इस्लाम के नाम का चूर्ण बिच नहीं रहा है
हाल ही में पाकिस्तान आर्मी ने अपनी सुरक्षा के लिए चीन से आर्मी बुलवाई है दुनिया में ये पहला ऐसा देश है जिसके बाद दुनिया की टॉप 10 आर्मी में आता है वो अपनी आर्मी की सुरक्षा के लिए दूसरे देश से सुरक्षा मांग कर लाया है और ये सपना देखते है कि गजवा ए हिंद करेंगे जिस तरह के इनके हालत है मुझे लगता है एक दो दशक में कही भगवा ए हिंद न हो जाए