शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

सियासत के गलियारों में ,कोलाहल बड़ा भारी है

सियासत के गलियारों में,कोलाहल बड़ा भारी है
वोट की खातिर कुछ लोगो ने,देश से की गद्दारी हैं

चुनाव पर्व है लोकतंत्र का,सबकी अपनी तैयारी है
जो साध ले जन भावना, वो ही बड़ा व्यापारी है

जो सब की बात करेगा  उस से अपनी यारी है
लोकतंत्र के महा पर्व में जनता सब पर भारी है

किसने लुटा देश हमारा किसकी ये मक्कारी है
चाहे जितना देश लूटलो ये भूंख न मिटने बाली है

क्यो शक किया सेना पर जिसके हिस्से रखबाली है
काम करे कुछ ऐसा जिसमे सब की खुशहाली है

बुधवार, 3 अप्रैल 2019

न बांटो इस देश को हम पर ये अहसान रहने दो

न बांटो देश को हम पर ये अहसान रहने दो
अनेकता में एकता का बस एहसास रहने दो

जहाँ जान न्यौछावर करते हो देश पर सैनिक
उन सैनिकों का हौसला आसमान पर रहने दो

बहुत पुराना हुआ ये गरीबी हटाने का नाटक
अब में गरीबी में खुश हूं मुझे गरीब ही रहने दो

माना भूंख तोड़ देती है अच्छे अच्छो का हौसला
फिर हम टूटेंगे नही हमे बस आत्मनिर्भर रहने दो

हमे नही चाहिए स्वपनों का अमेरिका और पेरिस
मेरे हिंदुस्तान को तुम बस हिंदुस्तान ही रहने दो