सोमवार, 25 फ़रवरी 2019

कहा भूलता है वो तुम्हारा मध्धम सा मुस्कराना

कहा भूलता है वो तुम्हारा मध्धम सा मुस्कराना
वो प्यारी सी नजरे झुका के हल्का सा सरमाना

एक मुद्दत बीत गई खोए ख्यालातों में तुम्हारे
काश लौट आये वो बचपन का गुजरा जमाना

कुछ न कुछ तो बांकी रह गया है तेरे मेरे दरम्यां
यूँही ही नही जलता है आग में मुझ सा परवाना

भले ही हो तुम्हारे पास हमे भूलने हजारों बहाने
में तो रखता हूं पास तुम्हारी यादों का खजाना

बुधवार, 20 फ़रवरी 2019

तेरे दर पर खड़े एहसास मेरे

तेरे दिल के दर पर कुछ इस तरह खड़े रहे एहसास मेरे

जैसे कोई अमीर आदमी निकल जाता है गरीब को देखकर

बुधवार, 13 फ़रवरी 2019

झूँठ और बेईमानी

झूँठ और बेईमानी उस पिंजरे की तरह है जिसमे छोटा सा रोटी का टुकड़ा डाल कर चूहे को फांसा जाता है

इसी तरह हम सब जानते है झूँठ और बेईमानी से एक न एक दिन फसेंगे फिर भी हम ये रिस्क लेते रहते है