आखिर मियां अखिलेश की ऐसी क्या मजबूरी है कि एक लुटेरे दरिंदे बलात्कारी वहशी दुर्दांत हिंदुओं का हत्यारा औरंगजेब जिसके लिए इनके सीने में दूध उतर आया है जो काम सैकड़ों वर्षों में मुस्लिम आक्रांता नहीं कर पाए वो काम अब मात्र वोट पाने के लिए तथाकथित हिंदू करना चाहते है
हिंदू समाज अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है जैसे अभी हाल ही में हमने महाकुंभ में देखा न किसी ने जाति देखी न किसी ने ऊंच नीच देखी सारे लोग एक ही घाट पर आस्था की डुबकी लगा कर हिंदू एकता का संदेश दे रहे थे सनातनी जिस आस्था से महाकुंभ में दिखाई दिए उस से संदेश स्पष्ट था अब हिंदू जातियों में नहीं बांटेगा वामपंथियों के चक्रव्यूह से बाहर निकलेगा इनकी व्यूह रचना में नहीं फसेगा
यही कारण है कि हिंदुओं की एकता को देखते हुए देश के वो लोग परेशान हो गए जो समाज को जातियों में विभाजित कर के अपनी रोजी रोटी का इंतजाम करते है ये हिंदू समाज को बांट कर ही फल फूल रहे है हिंदुओं का एक होना इन्हें रास नहीं आ रहा है हम सब देख रहे है ये लोग किस तरह से हम हम हिंदुओं की आस्था पर प्रहार कर रहे थे
हम सबने देखा सनातन धर्म विरोध इतना मुस्लिमों ने नहीं किया जितना हिंदुओं ने किया आप को क्या लगता है जिन लोगों के हिंदू नाम है वो लोग सनातन धर्म को अपमानित कर रहे है वो लोग सच में हिन्दू होंगे ? जो लोग हिंदू समाज को फिर से जातियों में बाँट कर फिर से हजार साल पीछे ले जाना चाहते है वो लोग हिंदू होंगे ? या समाज के शुभ चिंतक होंगे ?
हम हिंदुओं का दुश्मन कोई और नहीं है हमारे दुश्मन हमारे अपने ही लोग है जो लोभ लालच में पड़ कर एक विशेष समाज को साधने के चक्कर में हमे भ्रमित कर रहे है हमे लगता है ये हमारे शुभ चिंतक है मगर ऐसा है नहीं क्योंकि ये लोग आस्तीन के सांप है इन्हें वक्त रहते पहचान को कही पहचानने में हमे देर न हो जाए
सत्ता का पावर होता ही कुछ ऐसा की अपने भी धोखेबाज हो सकते है किसी ने सच ही कहा था किसी की औकात देखनी हो तो उसे पावर या पैसा दे दो उसके बाद उसका चाल चलन देखो बिल्कुल बदल जाएगा जो लोग पावर और पैसे से रत्ती भर भी बदलते नहीं है असली लोग वहीं होते है उनका दृष्टिकोण बिल्कुल स्पष्ट होता है कि ये सब तो धूप छांव की तरह है आती और जाती रहेगी मगर चरित्र एक बार खराब हो गया तो जीवन में कभी भी उसे अर्जित नहीं किया जा सकेगा
दोस्तो और दुश्मनों पर फर्क करना सीखिए महाभारत के अर्जुन बनना पड़े तो हिचकिचाना नहीं है कि युद्ध में हम किसके सामने खड़े है धर्म की स्थापना के लिए अपने से भी लड़ना पड़े तो परेशान नहीं होना है जीत हमेशा सत्य की होती है सत्य के लिए धर्म के लिए जीवन भी चला जाए तो इतिहास तुम्हें कभी कायर नहीं कहेगा तुम्हे सम्मान देगा वो भी बिना हिचकिचाहट के
जय श्री राम 🙏
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें