मिलिए इनसे नाम है कुनाल कामरा इनका पेशा जोकरगिरि करना है मतलब ये लोगो को हसने का काम करते है अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर इन्होंने पहले तो अंबानी का मजाक उड़ाया उसके बाद उसके बेटे अनंत अंबानी का मजाक उड़ाया उसके बाद अनन्त अंबानी की बहू राधिका का मजाक उड़ाया ये यही नहीं रुके इसने अनंत अंबानी को हाथी जानवर तक कहा
फिर इसने ओला इलेक्ट्रिक के मालिक भाविश अग्रवाल मजाक ये कह कर उड़ाया कि ओला की गाड़ी तो जल जा रही है जिस व्यक्ति में इतना बड़ा एम्पायर खड़ा कर दिया उसे ट्विटर ट्रॉल कर रहा था इसकी नीचता यही नहीं रुकी फिर इसने आनन्द महिंद्रा का मजाक उड़ाया भारतीय समाज को कामचोर और निकम्मा बताया बोला ये महिलाओं का उत्पीड़न करते है
देश के उद्योग जगत का भी ये कह कर मजाक उड़ाया कि इन्होंने आजतक कोई चीज नहीं बनाई इसे सब कुछ इन दस वर्षों में ही चाहिए था कांग्रेस के शासन काल पर कोई प्रश्न चिन्ह नहीं लगाया असल में ये कटाक्ष नहीं कर रहा था ये इसके अपने विचार थे ये कटाक्ष करता तो सभी राजनीतिक दलों पर कटाक्ष करता मगर नहीं इसे तो अपनी फ्रस्ट्रेशन निकालनी थी
फिर इसने टाइम मशीन को लेकर कहा कि हमें टाइम मशीन से यात्रा करने का मौका मिले तो हम 70 के दशक में जाने का प्रयास करेंगे जब मोदी चाय बेचता था तब में जाकर बोलूंगा कि बहन**द ये कैसी चाय बनाई है नीचता में इतने नीचे गिरता गया कि इसने शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे के काम को लेकर ट्रॉल किया बोला एक रिक्शा चालक उसने तो दूसरों के बाप को ही अपना बाप बना लिया मतलब चुरा लिया
इसने इतने लोगों को ट्रॉल किया फ्रीडम ऑफ स्पीच के नाम पर यही एक वजह थी कि शिंदे के समर्थक भड़क गए जिस स्टूडियो में ये व्यंग्यात्मक के नाम पर नंगा नाच चला रहा था उसमें तोड़ फोड़ करना शुरू कर दिया कई जगह पर इसपर FIR भी दर्ज कराई गई इस वामपंथी को लेकर सभी लेफ्टिस और लेफ्ट के नेता समर्थन में उतर आए और बोलने लगे ये फ्रीडम और स्पीच है तोड़ फोड़ नहीं करनी चाहिए थी उस पर FIR नहीं करनी चाहिए थी
ऐसा ही एक किस्सा है मराठी अभिनेत्री केतकी चितले का जिसे 2022 में शरद पवार की आलोचना करने वाली एक कविता सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।
40 दिनों से ज़्यादा जेल में रखा 22 एफआईआर दर्ज की गई आईटी एक्ट 2000 की धारा 66ए को लगा दिया गया। जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तब उन्हें 104 डिग्री बुखार था
और उन्हें कपड़े भी नहीं पहने दिए गए पुलिस हिरासत में भी उनके बाल खींचने की और उन्हें मारने की कोशिश की गई
लेकिन लिबरल गैंग ने कभी भी उनकी “अभिव्यक्ति की आज़ादी” के बारे में ट्वीट नहीं किया।
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