सोमवार, 24 मार्च 2025

चंद पैसे के लिए समाज में लोगों के प्रति खत्म होती संवेदना और लोगो की नीचता

लोगो की मानसिकता कितनी विक्षिप्त हो चुकी है कि एक व्यक्ति जिसकी जान चली गई और देश का युवा युवती ड्रम को लेकर रील बना रहा है उन्हें उस व्यक्ति से कोई हमदर्दी नहीं है मगर इन विक्षिप्त लोगों को रील बनाने का कंटेंट जरूर मिल गया है 

संवेदना लोगो की मर चुकी है शास्त्रों में इसे ही कमीनापन कहा गया है लोग ऐसे शोक में भी उस मरे हुए व्यक्ति का अपनी कलाकारी से उपहास उड़ा रहे है ये लोग खुद को कितना भी बड़ा कलाकार कहे मगर ये लोग बौद्धिक स्तर से बिल्कुल खाली लोग है इनके पास न तो अपना विवेक है न ही समझ है 

एक व्यक्ति अपनी जान देकर भी इन्हें सस्ती कॉमेडी कर के दो वक्त की रोटी कमाने का मटेरियल दे कर चला गया है ताकि ये लोग फूहड़ वीडियो बना कर अपनी रील से दो रु एक्स्ट्रा कमा ले ये लोग ऐसा कर के खुद का ही मजाक बना रहे है क्योंकि इस से तुम्हारे बौद्धिक स्तर का जो पतन हुआ है वो स्पष्ट नजर आता है 

हम लोग सामाजिक प्राणी है एक दूसरे के सुख दुख में साथ होते है किसी की मृत्यु का ऐसा मजाक उड़ाना निंदनीय माना गया है , समाज के गिरते स्तर को हम सोशल मीडिया पर जिस तरह प्रदर्शित कर रहे है उस से हम खुद से ही खुद को नंगा कर रहे है हो सकता है ऐसी मार्मिक घटनाओं पर रील बना कर वायरल कर के दो चार रु कमा लो मगर असल जीवन में हम वो सब खोते जा रहे है जो मानव मूल्यों के लिए आवश्यक है जो है संवेदनशीलता, 

शुभ रात्रि 🙏

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