सोमवार, 7 जनवरी 2019

इच्छाधारी है राहुल अपना भेष कई धर जाता है

कांग्रेस में आया सिद्धू जो पाक को बाप बताता है
ऐसी मानसिकता कांग्रेस की जो मोदी को चोर बताता है

कांग्रेस ने दिया लोन जिसे ले माल्या भाग जाता है
करते है सडयंत्र ऐसे जिस से देश स्थिर हो जाता है

दस सालों में देश बेच दिया जबाब कोई नही आता है
घोटालो की खुली लिस्ट जब तब मन मोहन भी मौन हो जाता है

बात ये करते लोकतंत्र की जो इनमे जाने कहा खो जाता है
गाय काटते बीच सड़क पर और सब को खिलाया जाता है

ऐसा नशा चढ़ा सत्ता का राम को काल्पनिक बताते है
वही पप्पू आज हर मंदिर में मत्था टेकता पाया जाता है

इच्छा धारी है राहुल अपना भेष कई धर जाता है
कभी वो पहने पगड़ी भगवा कभी मौलाना बन जाता है

आलू से वो बनवाता सोना कभी भेल से मोबाइल बनाता है
जहाँ जहाँ पड़ते है कदम वहाँ खाट कांग्रेस की खड़ी करवाता है

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