सोमवार, 7 जनवरी 2019

भूल गया में सारा जमाना बस याद तुम्हारी बनी रही

भूल गया में सारा जमाना बस याद तुम्हारी बनी रही
कैसे बतलाऊ में तुमको दिल की धड़कन शोला सबनम बनी रही

भूल हुई जो तुमको चाहा जाने क्या मजबूरी रही
खड़ी जिंदगी राख ढेर पर फिर भी सांसे थमी रही

कैसे कटी जिंदगी मेरी इसका तुम्हे एहसास नही
भूल गया में सूरत तेरी बस आंखों में सीरत तेरी बनी रही

पहला प्यार था पहली चाहत पहली सी ही बात रही
यही वजह थी शायद इसमे जो तेरी यादें बनी रही

किसे चेन है किसे सुकूँ है मोहब्बत के गलियारों में
पल पल कटती तन्हाई में आशाओ की किरण बनी रही

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें